CorelDRAW क्या हैं? [CorelDRAW की पूरी जानकारी]

CorelDRAW क्या हैं? [CorelDRAW की पूरी जानकारी]

CorelDRAW क्या हैं?

CorelDRAW X4, Corel draw एक vector आधारित graphics सॉफ्टवेयर है। इसमें PhotoPoint एवं Bitmap edition application इत्यादि को जोड़ दिया गया है। इसे Ottawa, Canada के Corel Corporation द्वारा बनाया गया है। इसे Corel Graphics Suite के नाम से भी जानते हैं। इसे विशेष रूप से 2D graphics design के लिए बनाया गया है। यह प्राथमिक और सबसे सरल ग्राफिक्स पैकेज है। इसमें बनाए गए ग्राफिक का डिजाइन आसानी से PageMaker में प्रयोग किए जा सकते हैं। यह DTP software का एक बड़ा आवश्यक application software है। 

History of CorelDRAW इन हिंदी:

CorelDRAW को बनाने की शुरुआत 1987  मैं हुई जब Corel corporation के द्वारा एक vector आधारित Software develop करने का विचार किया गया। उन्होंने इसके लिए दो कर्मचारी सॉफ्टवेयर इंजीनियर appoint किए। इस कार्य को पूरा करने में उन्हें 2 वर्ष लगा और 2 वर्ष बाद उन्हें पर्सनल कंप्यूटर के लिए पहला vector आधारित सॉफ्टवेयर बनाया जिसे CorelDRAW नाम दिया गया। क्योंकि उस समय Windows 2.0 एवं 3.0 बाजार में आ चुके थे तो इन्हें Operating system के लिए इसका पहला संस्करण 8 जनवरी 1989 में बाजार में लाया गया। इसके पश्चात आगे के वर्षों क्रमशः इसके संस्करण-CorelDRAW 1, 1.01, 1.02, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13(X3)। 

22 जनवरी 2008 को इसका संशोधित संस्करण CorelDRAW 14 (4X) बाजार में लाया गया। इसमें कई पूर्व के संस्करण की तुलना में काफी modify किया गया है। इसे Windows XP, Vista एवं 7 सभी संस्करण के लिए बनाया गया है यह 32 एवं 64-bit दोनों प्रकार में उपलब्ध है। इस संस्करण में अनेक उपयोगी टूल्स को जोड़ दिया गया है।

Command Bars & Tools:

CorelDRAW में Command bar एवं toolbar का उपयोग कार्य को आसान बनाने के लिए किया जाता है। CorelDRAW में जब भी आप कुछ drawing बना रहे है तो सबसे अधिक उपयोगी इसका मुख्य टूल बार साबित होता है। जब CorelDRAW होता है तो यह निम्न प्रकार प्रदर्शित होता है:

Command Bars & Tools:

उपरोक्त toolbars के tools का उपयोग निम्न प्रकार के कार्यों के लिए करते हैं:

  1. Pick tools: इस tools का प्रयोग objects या object के समूह को select करने के लिए प्रयोग किया जाता है। Select रखने के बाद बहुत सारे menu options से drawing की आवश्यकता अनुसार बदला जा सकता है। इसके माध्यम से drawing के object को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना, stretch रखना, घुमाना और भी कई प्रकार के दोष का प्रयोग किया जाता है।
  2. Shape tools: यह select किए गए ऑब्जेक्ट के ऊपर निर्भर करता है यदि हमारा ऑब्जेक्टर लाइन या वक्र है तो इसके आकार को shape tools के माध्यम से बदला जा सकता है यदि हमारा object text type है तो इसमें किसी भी character को edit किया जा सकता है। shape को बदलने के लिए इसमें अनेक शब्द sub-tools दिए होते हैं जिनके उपयोग से सिर्फ को अलग-अलग प्रकार से बदल सकते हैं।
  3. Crop tools: इसके द्वारा ड्राइविंग या ऑब्जेक्टर के अनावश्यक भाग को काटकर अलग कर सकते हैं। अलग-अलग प्रकार से काटने के लिए इसमें ऊपर के चित्र की तरह चार sub-tools होते हैं।
  4. Zoom tools: इस टूल के द्वारा पेज एवं ऑब्जेक्ट को बड़ा यहां छोटा करके उसमें कार्य कर सकते हैं। इसके दो सब टूल्स होते हैं जिनमें lence picture के द्वारा बड़ा या छोटा करने एवं हाथ की आकृति के द्वारा drag करने का कार्य कर सकते हैं।
  5. Smart Fill tool: इस टूल का प्रयोग लाइन खींचने, वक्र बनाने उन्हें measure करने, measure line draw करने इत्यादि कार्यों के लिए किया जाता है। इसमें ऊपर की चित्र की तरह 9 sub-tools दिए होते हैं।
  6. Smart Fill tool: इस tool के अंतर्गत दो sub-tools होते हैं। पहला tool जिसके द्वारा drawing के अंदर को कलर एवं आउटलाइन को कलर एवं मोटाई दे सकते हैं एवं दूसरा टूल्स होता है जिनका नाम smart draw tool जिसके द्वारा smart तरीके से drawing बना सकते हैं।
  7. Rectangle tools: इसका प्रयोग आयत या वर्ग बनाने के लिए किया जाता है।
  8. Ellipse tools: इसका प्रयोग वृत्त या दीर्घ वृत्त बनाने के लिए किया जाता है।
  9. Polygon tools: इस टूल का उपयोग त्रिकोण, षटकोण, पंचकोण सितारा इत्यादि आकृति draw करने के लिए करते हैं।
  10. Basic shape tools: इस tool का उपयोग करके विभिन्न प्रकार के basic shape, arrow shapes, flowchart shapes, bannerv shapes एवं callout shapesबना सकते हैं।
  11. Text tools: इसका उपयोग तब करते हैं जब drawing के साथ-साथ यदि कुछ पाठ्य लिखना चाहते हैं।
  12. Interactive blend tools: यदि पहले से बने हुए कुछ विशेष प्रकार के drawing को कुछ आकर्षण shape में बदलना है अर्थात blend करना है तब का उपयोग करते हैं।
  13. Eyedropper tools: यह एक विशेष टूल है जिसका कार्य इमेज में उपयोग कलर को लेना होता है इसके साथ एक अन्य sub-tools ‘Pointbucket’ नाम से दिया होता है जिसके द्वारा इसके पहले टूल से लिए गए रंग को apply कर सकते हैं। इस tools को ‘Shift’ key दबाकर swap कर सकते हैं।
  14. Out line pen tools: इस tools को लाइन के साइज कलर डिजाइन इत्यादि को परिभाषित करने के लिए दिया गया है।
  15. Fill tools: इसका उपयोग drawing के solid color, pattern, shape, texture, postscript इत्यादि fill करने के लिए किया जाता है। अलग-अलग प्रकार के fill के अनुसार इसमें option दिया होता है।
  16. Interactive Fill tool: ऊपर लिखे गये fill की तरह ही इसका उपयोग लाइन के अंदर कलर fill करने के लिए किया जाता है। परंतु इसके द्वारा fill करने का style अन्य की तुलना में कुछ हद तक भिन्न होता है।

Corel Draw क्या हैं? [Corel Draw इन हिंदी]

Drawing Area Object Lines:

CorelDRAW को open करने पर एक ब्लैंक पेज ओपन होता है जो हमारे लिए drawing area होता है। जब स्टार्ट मेनू से CorelDRAW पर क्लिक करते हैं तो निम्न प्रकार से इसका Window प्रदर्शित होता है।

Drawing Area Object Lines:

CorelDRAW window के by default centre मे page प्रदर्शित होता है उसे drawing area के नाम से भी जानते हैं। यदि हमको CorelDRAW में कुछ भी draw करना है तो उसकी शुरुआत इसी स्थान से करते हैं। इसके आकार को ‘Layout’ menu के ‘Page Setup’ option के द्वारा निर्धारित कर सकते हैं।

Drawing Object:

Drawing area में अलग-अलग प्रकार के Object बनाने एवं उसमें modify करने के लिए अनेक टूल्स उपलब्ध है। इसके लिए स्टैंडर्ड टूल बार के टूल्स का प्रयोग करते हैं। CorelDRAW में हम आसानी से Circle, Ellipse, Rectangle, Square, Polygon, Star, Flowchart symbol, Arrow Symbol इत्यादि object draw कर सकते है। 

जब भी हम Object draw करते हैं तो उस Object एवं Outline होता है जिसे ऑब्जेक्ट लाइन कहते हैं। यह ऑब्जेक्ट के वास्तविक आकार को प्रदर्शित करता है। इसी आउटलाइन के द्वारा ऑब्जेक्ट के आकार को कम या ज्यादा कर सकते हैं।

Working with Text & Artistic Media Tools:

सामान्यता सभी ग्राफिक सॉफ्टवेयर में drawing बनाने के अतिरिक्त text type करके उसे आकर्षक बनाने की सुविधा दी जाती है। CorelDRAW X4 में टेक्स्ट को आकर्षक बनाने के लिए अनेक उपयोगी दो जोड़ दिया गया है। text पर कार्य करने से पहले उसे टाइप कर लेते हैं और टाइप करने के लिए standard toolbar से texttool को चुनकर पेज के किसी भी स्थान पर टाइप करते हैं।

Working with Text & Artistic Media Tools

Note: CorelDRAW में दिए लगभग सभी tool के द्वारा text के look को बदल सकते हैं। कुछ tools सीधे text पर कार्य नहीं करते हैं तो इसके लिए text को ‘Arrange’ menu के ‘Convert to Object’ का उपयोग करके उस पर कार्य कर सकते हैं।

Artists Media Tools:

यह टूल CorelDRAW के powerline विकल्प का कार्य करता है। या tool ‘Freehand’ tool के रूप में होता है। इसका उपयोग करने पर यह नीचे के चित्र की तरह कार्य करता है। इस tool को चुनकर हम power line draw कर सकते हैं। इस tool पर क्लिक करने पर विंडो में एक नया toolbar जुड़ जाता है जिसे टूल के द्वारा पावर लाइन से संबंधित सेटिंग निर्धारित कर सकते हैं।

Fill & Modifying Outlines:

किसी भी drawing को draw करने के लिए लाइन एवं border लाइन उपयोग करते हैं उसे आउटलाइन कहते हैं। इसे हम निम्न polygon के द्वारा समझ सकते हैं।

Fill & Modifying Outlines:

CorelDRAW में आठ outline को भी अलग-अलग प्रकार से बदलने की सुविधा होती है जो निम्न है। 

Outline width:

इसमें outline के मोटाई को बदलने की सुविधा होती है। इसके लिए स्टैंडर्ड टूल बार से आउटलाइन टूल का उपयोग करते हैं जिससे निम्न प्रकार से इसका sub-tools प्रदर्शित होता है ऊपर दिए गए टूल्स से समझ सकते हैं।

उपरोक्त toolbar बाहर में अलग-अलग मोटाई में टूल्स दिए गए हैं जिनमें से जिस पर भी क्लिक करेंगे उसके अनुसार आउटलाइन की मोटाई बदल जाएगी और polygon कुछ निम्न प्रकार प्रस्तुत होगा।

Fill & Modifying Outline width:

Outline Color:

Outline के रंग को बदलने के लिए ऊपर दिए Outline tool bar के अंतर्गत ‘Outline Color Dialog’ नाम से tool दिया होता है जिसमें क्लिक करने पर निम्न प्रकार से उसका डायलॉग बॉक्स open हो जाता है।

Fill & Modifying Outline Color:

इस डायलॉग बॉक्स के अंतर्गत दिए options का उपयोग करके drawing के outline के रंग को 16 लाख रंगों में से किसी भी रंग को apply कर सकते हैं।

Outline Style:

Outline को हम अनेक प्रकार के style में बदल सकते हैं इसके लिए ऊपर दिए Outline टूल बार के अंतर्गत ‘Outline Pen Dialog’ नाम से tool पर क्लिक करते हैं जिससे निम्न प्रकार इसका डायलॉग बॉक्स open हो जाता है।

Fill & Modifying Outline style:

उपरोक्त में डायलॉग बॉक्स के option के द्वारा ऑब्जेक्ट के Outline अनेक प्रकार परिवर्तित कर सकते हैं। यदि स्टाइल बदलना चाहते हैं तो स्टाइल के list box पर क्लिक करते हैं जिससे निम्न प्रकार list प्रदर्शित होता है। 

Fill & Modifying Outline style:

उपरोक्त में से जिस स्टाइल में बदलना चाहते हैं उसमें click करते हैं जिससे Outline style बदल जाता है। उदाहरण:

Drop Shadows:

यदि 2D Object की तुलना में 3D Object अधिक वास्तविक लगता है और किसी भी 2D Object को यदि 3D look देना चाहते हैं तो इसके लिए अनेक विकल्पों को रंगों में उपलब्ध है। जिसमें से कुछ है: Drop Shadow, bevel, perspective, extrusion, contour इत्यादि इसमें से drop shadow एक महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं।

इसके द्वारा किसी भी 2D Object के पीछे परछाई लगाकर उसे 3D Object के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। CoralDRAW में Object पर शैडो उपयोग करना आसान कार्य होता है इसके लिए स्टैंडर्ड टूल बार ‘Interactive drop shadow’ टूल पर क्लिक करते हैं। draw किए गए Object पर माउस प्वाइंटर ले जाकर माउस को drag करते हैं जिससे drag की दूरी के अनुसार उस Object का शैडो बन जाता है।

Important and Editing OCR Text:

CoralDRAW के अंतर्गत दिए सॉफ्टवेयर CorelTrace के द्वारा स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट जो सामान्यता .jpg format में होता है उसमें editing कर सकते हैं। इसमें अब Optical Character Recognition (OCR) द्वारा trace किए गए डॉक्यूमेंट में editing का कार्य कर सकते हैं। 

यदि हम किसी टाइप किए गए letter का प्रिंटआउट रखें हैं अब उस letter को स्कैन करके किसी वर्ड प्रोसेसिंग या टेक्स्ट एडिटिंग सॉफ्टवेयर में उपयोग करना चाहते हैं तो उसे हम एक picture के रूप में ही उपयोग कर सकते हैं। परंतु उस में लिखे गए text को text के रूप में convert करना चाहते हैं तो इस कार्य को CoralDRAW के माध्यम से अच्छे से कर सकते हैं। सामान्यता स्कैन किए जा रहे डॉक्यूमेंट में कलर या टेबल उपयोग किया गया है तो उसके बीच का अंतर को software सही प्रकार से नहीं समझ सकता। परंतु इस प्रकार के समस्या के लिए भी इसमें समाधान मौजूद होते हैं।

Drawing and Editing Curves and Line:

अच्छी drawing बनाने के लिए curve विषय में जानकारी होना आवश्यक है। इसके इस्तेमाल से हम drawing के रूप को सटीकता से किसी भी दिशा में मोड़ सकते हैं। साथ ही यदि हम डिजाइन बना चुके हैं परंतु उसमें हमको कुछ कमी नजर आ रही है तो curve के प्रयोग से उसे दूर कर सकते हैं। 

Drawing and Editing Curves and Line:

CorelDRAW के पुराने संस्करण से ही curve इस्तेमाल करने की सुविधा दी जा रही है नए संस्करण में ज्यादा तो नहीं परंतु कुछ परिवर्तन किए गए हैं इसे हम निम्न प्रकार से उपयोग कर सकते हैं। CorelDRAW में curve पर कार्य करने के लिए ‘shape’ टूल का उपयोग करते हैं।

Special Character and Creating Symbols:

CorelDRAW के पेज में हम पूर्व निर्धारित special character या symbols को insert कर सकते हैं या भविष्य में उपयोग लाने के लिए स्वयं का symbol design कर सकते हैं। पूर्व निर्धारित symbol को उपयोग करने के लिए निम्न कार्य करेंगे:

Import Symbol:

  1. ‘Text’ menu में जाकर ‘Insert Symbol Character’ ऑप्शन पर क्लिक करते हैं।
  2. इससे राइट साइड में एक palette निम्न प्रकार प्रदर्शित होता है दिए चित्र से अब समझ सकते हैं:Special Character and Creating Symbols:
  3. इस palette से जिस font में symbol है उसे चुनते हैं।
  4. नीचे उस font के सभी symbol प्रदर्शित हो जाते हैं जिसमें से इच्छाअनुसार symbol को चुनते हैं।
  5. नीचे दिए इन ‘insert’ बटन पर क्लिक करते हैं।

Create Own Symbol:  

यदि हम किसी drawing को भविष्य में symbol के रूप में उपयोग करना चाहते हैं तो CorelDRAW हमें स्वयं का symbol बनाने की सुविधा प्रदान करता है। इसके लिए निम्न कार्य करना होता है:

  1. Page के symbol के लिए आकृति draw करते हैं।
  2. उस आकृति के सभी लाइन को आपस में ‘Arrange’ menu के ‘Combine’ ऑप्शन के द्वारा जोड़ते हैं।
  3. Symbol को चुनकर ‘Edit’ menu के ‘Symbol’ ऑप्शन के अंतर्गत दिए सब ऑप्शन ‘New-Symbol’ पर क्लिक करते हैं जिससे यह symbol, symbol dialog box  में जुड़ जाता है। 
  4. इस symbol का उपयोग करने के लिए symbol palette को open करके symbol font को select करते हैं और उस symbol को चुनते हैं।

Working with Layers & Creating a Master Layer:

Object को व्यवस्थित एवं संगठित रखने के layer बहुत ही उपयोगी होता है। Layer का उपयोग करके हम अपने कार्य के समय एवं उसमें होने वाली अव्यवस्था को कम कर सकते हैं। Layer के होने से कार्य में शुद्धता आता है एवं कार्य को आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं। निम्न दो स्थितियों में Layers बहुत उपयोगी हैं:

  1. Single Page Job: जब एक ही page में कार्य करना हो परंतु उसमें अनेक ऑब्जेक्ट है तो सभी को एक साथ करने से आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अलग अलग करने में दिक्कत होती है इसके लिए उन्हें अलग-अलग layer पर रखते हैं।
  2. Multiple Page Job: जब कार्य एक page पर न होकर अलग-अलग पेज पर हो परंतु उसके अधिकांश तत्व एक ही हो जैसे design, background, look इत्यादि परंतु उनके content अलग-अलग हो तो उन्हें multiple page पर करते हैं। लेकिन एक प्रकार के तत्व के लिए layer उपयोग करते हैं जिससे उन्हें सभी पेज पर apply किया जा सके।

How to use layer in CorelDRAW:

CorelDRAW के लिए सुविधा को  उपयोग करना चाहते हैं तो इसके लिए निम्न कार्य करते हैं:

  1. ‘Window’ menu के ‘Dockers’ विकल्प के अंतर्गत दिए गए ‘Object Manager’ ऑप्शन पर क्लिक करते हैं। जिससे राइट साइड में निम्न प्रकार ‘Object Manager’ नामक palette open हो जाता है दिए चित्र से हम समझ सकते हैं:
    How to use layer in CorelDRAW:

  2. इस palette के पहले भाग में layer प्रदर्शित होता है जिसमें से जी layer का उपयोग करना चाहते हैं उसे select करते हैं। 
  3. इस palette के दूसरे भाग में layer का master प्रदर्शित होता है जिनके द्वारा जो भी सेटिंग निर्धारित करते हैं वह सभी पेज के लिए होता है। 
  4. पहले भाग में दिए layers में से जिस layer के अंतर्गत ऑब्जेक्ट बनाना है उसे select करके पेज में ड्राइंग का कार्य करते हैं।

Insert New Layer:

नया layer लाने के लिए इसके नीचे दिए गए ‘New Layer’ पर click करते हैं। 

Insert New Master Layer:

नया master layer insert करने के लिए इसके नीचे दिए गए हैं ‘New Master Layer’ नामक tool पर क्लिक करते हैं। 

Delete Layer:

वर्तमान में चुने गए layer को यदि हम मिटाना चाहते हैं तो इसके लिए इसके नीचे दिए ‘Delete’ नामक tool पर क्लिक करते हैं।

Corel Draw क्या हैं? [Corel Draw की पूरी जानकारी हिंदी में]

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