TCP/IP क्या हैं? [TCP/IP Refrence Model क्या हैं?]

TCP/IP क्या हैं? [TCP/IP Refrence Model क्या हैं?]

TCP/IP क्या हैं?

TCP/IP  जिसे पूरे शब्दों में Transmission Control Protocol एवं Internet
Protocol  कहा जाता है। यह एक internet  के लिए सामान्य संचार की भाषा
है। जिसको सन 1980 में बनाया गया था। इसका प्रयोग दोनों प्रकार के network चाहे
वह internet हो या extranet,  मैं किया जाता है। इसे TCP/IP suite भी
कहते हैं। TCP/IP द्वारा communication के लिए client/server model का प्रयोग
किया जाता है जिससे यह सुविधा प्राप्त होती है कि सूचनाओं को एक स्थान से दूसरे
स्थान तक जा सके।

TCP/IP Refrence Model क्या हैं?

TCP/IP refrence model एक network model  होता है जिसके द्वारा
वर्तमान internet architecture का  प्रयोग किया जाता है। इसकी शुरुआत
internet के grandfather, ARPANET के साथ सन्  1960 के दशक में हुआ था। इस
refrence model को मुख्य दो protocol, TCP(Transmission Control Protocol) एवं
IP(Internet Protocol) नाम दिया गया था। जिसे 4 layer में define किया जाता है।

TCP/IP Layer के विषय में चर्चा करने से पहले हम यह जान लेगी प्लेयर होता
क्या है। यह computer network में communication के लिए अपनाया गया कुछ नियम है।
यदि हम निर्धारित नियम का पालन करते हैं तो communication सही प्रकार से होगा।
इसे हम डाक द्वारा mail भेजे जाने वाले प्रक्रिया से समझ सकते हैं जब हम डाक को
किसी friend को भेजते हैं तो यह कार्य निम्न प्रकार से होता है:

TCP/IP क्या हैं?
उपरोक्त में चित्र की तरह ही TCP/IP Refrence Model में data transfer
के लिए चार layer का उपयोग किया जाता है प्रत्येक layer को उसके कार्य के
अनुसार विशेष नाम दिया गया है। इन चार layers को हम निम्न चित्र से समझ सकते
हैं:
TCP/IP क्या हैं?

(1) Application layer:

इस layer का कार्य उपयोगकर्ता को communication के लिए interfere उपलब्ध कराना
होता है। यह पहला लेयर है जिसे higher level Protocol में define किया जाता है।
इस layer में web-browser, telnet, FTP (File Transfer Protocol),  e-mail
(electronic mail) और इसी प्रकार अन्य client application को run कराया जाता
है।  

सामान्यतः जिन application के द्वारा मुख्य रूप से TCP या UDP (User Data
GramProtocol) का प्रयोग किया जाता है उसमें network stocket और IP address का
प्रयोग जोड़ों में किए जाते हैं। 

इस layer के द्वारा transport layer को डाटा भेजने या उससे प्राप्त करने का कार्य
किया जाता है।

(2) Transport layer:

इस layer का कार्य डाटा को टुकड़ों में internet layer में भेजने की सुविधा
प्रदान करना होता है यह layer end-to-end, connection से जुड़ा हुआ होता है। इसका
उपयोग किसी source और destination के बीच संबंध बनाए रखने के लिए किया जाता है।
इसे end-to-end transport Protocol से परिभाषित किया जाता है।

(a) Transmission control Protocol:

यह protocol एक विश्वसनीय connection आधारित data transport की सुविधा प्रदान
करता है। इसका उपयोग किसी information को इंटरनेट के द्वारा एक कंप्यूटर से दूसरे
कंप्यूटर पर स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।

(b) Use datagram protocol:

यह connectionless protocol है जिसका उपयोग किसी information को एक मशीन से दूसरे
मशीन में transfer करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग बहुत कम स्थानों पर किया
जाता हैं। इस प्रकार protocol का उपयोग किसी आवाज या डाटा को स्थानांतरित करने के
लिए किया जाता है।

(3) Internet:

यह हमें connectionless communication की सुविधा प्रदान करता है। जिसमें हम
communication एक या एक से अधिक नेटवर्क से कर सकते हैं। यहां layer, global
logical addressing scheme एवं package का उपयोग किसी डाटा को ट्रांसफर करने के
लिए करता है। इस प्रकार data network में independently travel करता है। Data
किसी भी दूसरे मशीन में पहुंचते हैं जिसे बाद में re-arrange किया जाता है। 

यह layer डाटा के packetization, addressingऔर routing के लिए जिम्मेदार होता है।
यह transport layer से जानकारी लेता है कि transmitting के दौरान network access
layer से कब डाटा लेना है या कब भेजना है। 

(iv) Network Access:

यह physical network की सुविधा प्रदान करता है यह आपका network interface card
है। Ithernet, Wi-Fi, FDDI, ATM, OC, HHSI Tocken ring इत्यादि network interface
के उदाहरण है जिनका उध्द्येश्य हमारे कंप्यूटर को यह सुविधा प्रदान करना होता है
कि यह wire के बिना wire के या व fiber optic cable के द्वारा किसी अन्य कंप्यूटर
को data send या receive कर सकते।

OSI Model क्या हैं?

Network की स्थापना करने वाली  कंपनियों के नियम शुरुआत में अलग-अलग होते थे
जिससे जिस कंपनी का सिस्टम उपयोग कर रहे हैं उसी के अनुरूप network उपकरण खरीदने
पड़ते थे यहां तक ठीक था परंतु जब दो अलग-अलग network को जोड़ने की नौबत आती थी
तब समस्या बहुत बड़ी हो जाती थी। इसलिए OSI refrence model तैयार किया गया जो
किसी equipment पर निर्भर नहीं होता।

OSI अर्थात Open System Interconnection को OSI अर्थात International Standard
Organization के द्वारा develop किया गया है। यह protocol layers में सबसे
important और अधिक उपयोगी protocol layer होता है। चूकी इसे International
Standard Organization  द्वारा तैयार किया गया था इसलिए इसे ISO refrence
model या OSI refrence model कहते हैं।इसके 7 layers एवं network में कार्य करने
के क्रम को निम्न चित्र से समझ सकते हैं।

Different between OSI and TCP/IP Model:

TCP/IP मैं 4 layer का उपयोग किया जाता है जबकि OSI में 7 layer का
उपयोग किया जाता है।

OSI के layered इस प्रकार design किया जाता है कि या नेटवर्क के अन्य
कंप्यूटर से communicate कर सके जबकि TCP/IP, protocol suit होता है जिसे
इंटरनेट के द्वारा अन्य कंप्यूटर से communicate करने के लिए design किया जाता
है।

OSI का उद्देश्य होता है कि कैसे विभिन्न कंप्यूटर के बीच बिना उनके
hardware एवं software को बदले किस प्रकार से communication करना है। जबकि
TCP/IP का उद्देश्य अधिक से अधिक नेटवर्क से जुड़ना होता है।

OSI model एक model है न कि protocol। इसे इस प्रकार सिद्ध कर सकते हैं कि
OSI में पहले model का design किया गया है उसके पश्चात protocol का। जबकि
TCP/IP पहले प्रोटोकॉल का डिजाइन किया गया और मॉडल का प्रयोग पहले से बने
प्रोटोकॉल को परिभाषित करने के लिए किया जाता है।

TCP and UDP Protocol क्या हैं?

UDP connection-less Protocol है जिसका उपयोग किसी इंफॉर्मेशन को एक मशीन से
दूसरे मशीन में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग बहुत कम स्थानों
में किया जाता है इस प्रकार प्रोटोकॉल का उपयोग किसी आवाज या डाटा को स्थानांतरित
करने के लिए किया जाता है।

जब TCP (Transaction Control Protocol) या UDP (User Data-gram Protocol)
connection establish होता है तब यह mechanism apply होता है। एक बार जब कनेक्शन
ही स्थापित हो जाता है तब packets hosts के मध्य बिना किसी चेकिंग के flow होता
है।

सामान्यता जिन एप्लीकेशन के द्वारा मुख्य रूप से TCP या UDP का प्रयोग किया जाता
है उसमें network socket और ip-address का प्रयोग जोड़ों में किया जाता है। इस
layer के द्वारा transport layer को डाटा भेजने या उससे प्राप्त करने कार्य किया
जाता है।


TCP/IP
से संबंधित protocol UDP (User Data-gram Protocol) होता है जिसका उपयोग
विशेष प्रयोजन के लिए Transfer Control Protocol के स्थान पर किया जाता है। कुछ
अन्य protocol, ICMP (Internet Control Message Protocol),  Interior
Gateway Protocol (IGP) Exterior Gateway Protocol (EGP) और Border Gateway
Protocol (BGP) होते हैं। जिनका उपयोग Network host computer में router के विषय
में जानकारियों को स्थानांतरित करने के लिए करते हैं।

Different between TCP/UDP protocols:

इन दोनों protocol के बीच अनेक अंतर होते है जो निम्न हैं:

TCP UDP
(1) TCP connection आधारित होता है। (1) UDP connectionless आधारित होता है।
(2) यहां FTP, HTTP, HTTPs, SMTP और Telnet protocol का उपयोग करते हैं। (2) यहां DHCP, TFTP, DNS, RIP, VOIP और DNS protocol का उपयोग करते हैं।
(3) यह आवश्यकता होने पर Data packet को पुनः व्यवस्थित करता है। (3) यह Data packet को अलग-अलग रखता है उन्हें व्यवस्थित नहीं करता और यदि आवश्यकता होती है तो यह कार्य application layer के द्वारा किया जाता है।

(4) इसका data स्थानांतरण की गति कम होती है। (4) TCP की तुलना में इसका Data स्थानांतरण गति अधिक होती है।

(5) यह transmission तकनीक विश्वनीय होता है इसमें भेजे गए Data packet destination तक पहुंचेंगे इसकी guarantee होती है।

(5) इसमें data के destination तक पहुंचने की कोई guarantee नहीं होती।
(6) इसका प्रयोग data को विश्वसनीयता के साथ transfer करने के लिए किया जाता है इसलिए transfer की गति पर ध्यान नहीं दिया जाता।

(6) इसमें data transfer की विश्वसनीयता पर ध्यान नहीं दिया जाता है इसलिए transfer की गति तीव्र होती है।
(7) इसमें header का आकार 20 bytes होता है।

(7) इसमें header का आकार 8 bytes होता है।
(8) यह बहुत ही heavy-weight transmission करता है क्योंकि इसने socket connection में एक साथ तीन packet भेजता है। इसे network reliability और congestion control का ध्यान रखता है।

(8) यह light-weight transmission करता है जो कि इसने congestion control और message के order को नियंत्रित नहीं करता।
(9) इसमें error की जांच करके उसके विषय में जानकारी दिया जाता है। (9) यह error की जांच तो करता है परंतु उसके विषय में जानकारी नहीं देता है।

हमने क्या-क्या सीखा:

TCP/IP Refrence Model क्या हैं?
TCP/IP क्या हैं? 
Application Layer:
Transport Layer:
Network Layer:
Internet:
UDP/TCP Protocol क्या हैं?
Different between TCP/UDP protocols:

हमारे द्वारा दी गई जानकारी TCP/IP Refrence Model क्या हैं? यह आपको बहुत ही सरल शब्दों में जानकारी उपलब्ध कराई गई है यह पोस्ट
आपके लिए हिंदी भाषा मे लिखा गया है और सरलता से समझाया गया हैं। हमारे
द्वारा दिया गया यह जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट कर जरूर बताए और दोस्तो के
साथ शेयर जरूर करें।

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