What is [Cache Memory] in Hindi

What is Cache Memory [Types of Cache Memory] 

Cache Memory क्या हैं?

Cache memory, Computer system के CPU (Center Processing Unite) के अंतर्गत एक separate clip के रूप में होता है। यह बहुत तेज गति से कार्य करने वाला मेमोरी होता है। CPU के द्वारा इस memory का प्रयोग प्रोग्राम को run करते समय दिए गए निर्देशों या दिए जाने वाले निर्देशों में से उन निर्देश को रखने के लिए करते हैं जो बार बार repeat होता है। 

Cache Memory in Hindi:

Cache memory के प्रयोग करने का मुख्य कारण processing speed को बढ़ाना होता है क्योंकि यदि data को स्थानांतरित किया जाता है तो वह system bus का प्रयोग करता है और bus system की गति को कम कर देता है इस कारण cache का प्रयोग बिल्कुल ही processor के समीप किया जाता है जिससे bus का प्रयोग न हो और processing की गति तीव्र हो जाती है ये हमारे compute के लिए लाभदायक होता है।

What is Cache Memory in hindi

Types of Cache Memory in Hindi:

L1 Cache Memoy: 

इस cache को onboard, internal एवं primary cache कैश के नाम से जाना जाता है। यह CPU में ही पहले से उपस्थित होता है L1 कैश की गति सबसे अधिक होती है और आकार में सबसे कम 8KB से 128KB तक होती है।

L2 Cache Memory: 

इस कैश को External अथवा Secondary  कैश के नाम से भी जाना जाता है। यह L1 की तरह CPU में पहले से उपस्थित न होकर यह Motherboard में एक अलग chip के रूप में उपस्थित रहता है। इसका आकार 128KB से 1MB तक होता है।

L3 Cache Memory: 

इस कैश का उपयोग समान्यतः उच्च क्षमता वाले कंप्यूटर में किया जाता है। यह भी motherboard में उपस्थित होते हैं। L3 कैश की गति सबसे कम होती है और इसका आकार सबसे अधिक 8MB तक होती है।

Cache Memory Principle क्या है? 

Cache memory आकार में बहुत ही छोटा होता है और इसकी संग्रहण (Storage) क्षमता भी कम होती है लेकिन यह तीव्र गति से कार्य करने वाला memory होता है। Cache memory का मुख्य सिद्धांत CPU को तेज data उपलब्ध कराना होता है जिससे उसे processing के समय किसी data का wait न करना पड़े। इस memory के पास यदि data उपलब्ध नही है तो उसे main memory में ढूंढा जाता है और मिल जाने के बाद उसे cache memory में रख दिया जाता है। 

यह memory CPU chip के साथ हो होता है अर्थात इसे अलग से लगने की आवश्यकता नही होती है। इस memory में tag भी सम्मिलित होता है जो main memory के block के address के लिए होता है यदि वर्तमान data का पूर्ण रूप से उपयोग हो गया हो तो उसे delete करके उसके स्थान पर tag किए data को अपने मे store करता है यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है।

Cache memory दो प्रकार के होते हैं एक वह जो processor के अंतर्गत होता है उसे L1 cache कहा जाता है एवं दूसरे जो motherboard में लगा होता है उसे L2 cache कहते हैं क्योकि processor के साथ दिया गया cache (L1) उसके सबसे नजदीक होता है इसलिए वह सबसे तीव्र data उपलब्ध करता है परंतु उसके full हो जाने के बाद waiting में रखे data motherboard cache (L2) में रहता है।

Elements of Cache Design:

Cache के architecture को अलग-अलग करने के कुछ बुनियादी design होते हैं जिन्हें cache design कहते हैं ये design निम्न प्रकार से है:

Physical and Logical cache memory:

Computer में processor के अंतर्गत एवं उसके बाहर दो cache होता है जिन्हें logical एवं physical cache कहते हैं जो processor से logical address से ही प्राप्त हो जाता है उसे logical cache एवं जो memory management unit तक logical address के माध्यम से पहुचने के बाद प्राप्त होता है उसे physical cache कहते हैं। इन दोनों के बीच के अंतर को निम्न diagram से समझा जा सकता है:

Physical and Logical cache:

Logical cache को virtual cache भी कहा जाता है इस cache में रखे data को processor, Memory Management Unit तक पहुचे बिना सीधे ही प्राप्त कर लेता है एवं physical cache, Memory Management Unit के बाद होता है इसलिए controller को पहले Memory Management Unit तक पहुँचना होता है। इसलिए इस cache की गति logical cache की तुलना में कम होती है।

Number of Cache Memory:

समान्यतः पूर्व के system में एक ही cache होते थे, जिससे text based software के processing speed में कोई प्रभाव नही पड़ता था। लेकिन बड़े graphics software में processing speed में कभी slow हो जाती थी इसी समस्या को हल करने के लिए multiple cache का उपयोग किया गया जिन्हें Lable-1 (L1), Lable-(L2) एवं Lable-(L3) cache कहा गया।

पहले जो processor बने उसमे lable-1 के cache को छोड़कर अन्य दोनों बाहर motherboard में seprate chip के रूप में होते थे बाद में lable2 के cache को भी processor के अंतर्गत set कर दिया गया, जिससे उसके कार्य की गति और तीव्र हो गई। L1 cache की तुलना में L2 क्षमता में अधिक होता है परंतु गति में L1 ही तीव्र होता है।

Cache Memory size, Advantage, and Disadvantage:

Cache का आकार छोटा होना चाहिए, क्योकि जितना छोटा होगा उतना ही आवश्यक data को वह अपने पास रखेगा और processing के समय data को ढूढंने में कम समय लगेगा। Cache memory का आकार छोटा होता है इस कारण वर्तमान में execution के लिए आवश्यक सभी data को उसमें नही रखा जा सकता , इसलिए cache memory में थोड़े से data को रखने के बाद अन्य को main memory में block के रूप में रखा जाता है।

Cache Memory writes Policy:

Cache में data block के रूप में होते हैं यदि किसी block को हटाना होता है तो यह देखा जाता है कि उसके सभी data का उपयोग किया जा चुका है तो पूर्ण block को नए से replace नही किया जाता उसे वापस main memory में भेज दिया जाता है और उसके स्थान पर नये block को रख दिया जाता है इसे cache write policy कहा जाता है।

आपने क्या-क्या सीखा जानें:

  • Cache Memory क्या हैं?
  • Cache Memory Principle क्या है? 
  • Elements of Cache Design:
  • Physical and Logical cache memory:
  • A number of cache Memory: L1 Cache Memory, L2 Cache Memory, L3 Cache Memory.
  • Cache Memory size, Advantage and Disadvantage:
  • Cache Memory writes Policy:

Leave a Comment